लोक शिकायत – सूचना पैम्पलेट
भारी उद्योग मंत्रालय (Ministry of Heavy Industries)
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1. केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम (सीपीएसई)/ स्वायत्त निकायों से संबंधित लोक शिकायतें
भारी उद्योग मंत्रालय निम्नलिखित केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम (सीपीएसई) और स्वायत्त निकायों से संबंधित लोक शिकायतों का निवारण करता है।
केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम (सीपीएसई):-
1.    एंड्रू यूल एंड कम्पनी लिमिटेड
2.    ब्रिज एंड रूफ को. (इंडिया) लिमिटेड
3.    सीमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड
4.    इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स (इंडिया) लिमिटेड
5.    हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड
6.    हिंदुस्तान साल्ट्स लिमिटेडa
7.    सांभर साल्ट्स लिमिटेड
8.    इंस्ट्रूमेंटेशन लिमिटेड
9.    ब्रेथवेट, बर्न एवं जेसप कंस्ट्रक्शन को. लिमिटेड
10.    भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL)
11.    एचएमटी लिमिटेड
12.    एचएमटी इंटरनेशनल लिमिटेड
13.    एचएमटी मशीन टूल्स लिमिटेड
14.    नेपा लिमिटेड
15.    राजस्थान इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंट्स लिमिटेड (REIL)
16.    रिचर्डसन एंड क्रुड्डास (1972) लिमिटेड
स्वायत्त निकाय
1.    ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI)
2.    सेंट्रल मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट (CMTI)
3.    फ्लुइड कंट्रोल रिसर्च इंस्टीट्यूट (FCRI)
4.    NATRIP (NAB)
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2. भारी उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत लोक शिकायतों का दायरा:-
केवल उपरोक्त सूचीबद्ध केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम (सीपीएसई) और स्वायत्त निकायों से संबंधित शिकायतें ही भारी उद्योग मंत्रालय के कार्यक्षेत्र में आती हैं। अन्य कोई निजी या सरकारी कंपनी भारी उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत लोक शिकायत निवारण हेतु शामिल नहीं है।
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3. परिसमापनाधीन केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम (सीपीएसई) (विवादाधीन मामले)
निम्नलिखित केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम (सीपीएसई) परिसमापन हेतु संबंधित ऑफिशियल लिक्विडेटर्स को स्थानांतरित किए गए हैं। ये मामले सक्षम न्यायालयों/अधिकारियों के समक्ष विचाराधीन (sub-judice) हैं, अतः इन्हें CPGRAMS के अंतर्गत नहीं लिया जाता:
1.    रेयरोल बर्न लिमिटेड (RBL)
2.    टायर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (TCIL)
3.    भारत ऑप्थेल्मिक ग्लास लिमिटेड (BOGL)
4.    माइनिंग एंड एलाइड मशीनरी कॉरपोरेशन लिमिटेड (MAMC)
5.    भारत प्रोसेस एंड मैकेनिकल इंजीनियर्स लिमिटेड (BPMEL)
6.    भारत ब्रेक्स एंड वाल्व्स लिमिटेड (BBVL)
7.    साइकिल कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड
8.    रिहैबिलिटेशन इंडस्ट्रीज़ कॉरपोरेशन लिमिटेड (RICL)
9.    भारत यंत्र निगम लिमिटेड (BYNL)
10.    त्रिवेणी स्ट्रक्चरल्स लिमिटेड (TSL)
11.    नेशनल इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (NIDC)
12.    टैनरी एंड फुटवियर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (TAFCO)
13.    हिंदुस्तान पेपर कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPC)
14.    नागालैंड पल्प एंड पेपर कंपनी लिमिटेड (NPPC)
15.    हिंदुस्तान फोटो फिल्म्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनी लिमिटेड (HPF)________________________________________


4. दिव्यांगजन (PwDs) हेतु GST रियायत
भारी उद्योग मंत्रालय (MHI) द्वारा पूर्व में राजस्व विभाग की दिनांक 30.09.2019 की अधिसूचना के अनुसार, आर्थोपेडिक दिव्यांग व्यक्तियों को छोटी कारों के लिए जीएसटी रियायत प्रमाणपत्र जारी किए जाते थे। इसके अंतर्गत ऐसे व्यक्तियों को 28% के सामान्य दर के स्थान पर 18% की रियायती जीएसटी दर पर वाहन खरीदने की सुविधा प्राप्त थी।
बाद में, राजस्व विभाग द्वारा दिनांक 17.09.2025 को अधिसूचना संख्या 09/2025-CT(R) जारी किए जाने के साथ, आर्थोपेडिक दिव्यांग व्यक्तियों के लिए वही रियायती दर सीधे लागू रहती है। परिणामस्वरूप, भारी उद्योग मंत्रालय (MHI)  द्वारा जीएसटी रियायत प्रमाणपत्र जारी करने की प्रथा बंद कर दी गई है।
यह स्पष्ट किया जाता है कि जीएसटी से संबंधित रियायतों के लिए वित्त मंत्रालय ही सक्षम प्राधिकरण है, जबकि दिव्यांगता से संबंधित नीतियाँ सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा बनाई और लागू की जाती हैं।
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5. शिकायतें जिन पर कार्रवाई नहीं की जाती (DARPG दिशा-निर्देशानुसार)
निम्नलिखित श्रेणियों पर लोक शिकायत निवारण नहीं किया जाता:
•    RTI से संबंधित मामले
•    न्यायालय/विवादाधीन (sub-judice) मामले
•    धार्मिक विषयक मामले
•    सरकारी कर्मचारियों की सेवा संबंधी शिकायतें, जिनमें अनुशासनात्मक मामले शामिल हैं — जब तक विभागीय चैनल पूरी तरह उपयोग न कर लिए गए हों (DoPT OM दिनांक 31.08.2015)
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6. इलेक्ट्रिक वाहन (EV) नीतियों/योजनाओं से संबंधित लोक शिकायतें
भारी उद्योग मंत्रालय (MHI) देश भर में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने और इलेक्ट्रिक गतिशीलता को तेज़ी से अपनाने को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएँ लागू कर रहा है। इन योजनाओं का विवरण मंत्रालय की वेबसाइट पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है।
हालाँकि, निम्नलिखित विषय MHI के अधिकार क्षेत्र में नहीं आते:
1.    निजी ओईएम, डीलरशिप या सर्विस सेंटर से संबंधित मामले।
2.    वाहन की गुणवत्ता, सर्विसिंग, डिलीवरी में देरी आदि से संबंधित शिकायतें। ऐसे विषयों पर शिकायतें संबंधित ईवी निर्माता, डीलर या उपयुक्त उपभोक्ता निवारण मंचों के माध्यम से उठाई जा सकती हैं।
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लोक शिकायत कैसे दर्ज करें
ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने का पोर्टल (DARPG):
https://www.pgportal.gov.in
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लोक शिकायत हेतु नामित अधिकारी (भारी उद्योग मंत्रालय)
नाम: श्री कुलभूषण मल्होत्रा
पद:   उप सचिव
पता:  कक्ष संख्या 382, उद्योग भवन, नई दिल्ली – 110011
ईमेल: kb.malhotra@nic.in
फोन: 011-23061563